ला रेजीडेंसिया विवाद में हाईकोर्ट सख्त, ग्रेनो अथॉरिटी CEO को समन; व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश
Bureau Report Satyaprakash Virmani
ग्रेटर नोएडा। टेकजोन-4 स्थित ला रेजीडेंसिया आवासीय परियोजना में फ्लैट खरीदारों को रजिस्ट्री और कब्जा नहीं मिलने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) को समन जारी करते हुए व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया है।
मामला माधवी त्यागी की ओर से दाखिल याचिका से संबंधित है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फ्लैट खरीदारों को समय पर उनके फ्लैट का कब्जा और रजिस्ट्री नहीं दी गई। खरीदारों की ओर से लंबे समय से परियोजना से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है।
फायर सेफ्टी और STP पर भी सवाल
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने परियोजना में फायर सेफ्टी व्यवस्था और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़ी कथित कमियों को लेकर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने यह जानने की कोशिश की कि परियोजना में आवश्यक सुविधाओं और सुरक्षा मानकों को लेकर प्राधिकरण की ओर से क्या कार्रवाई की गई है।
बिल्डर को भी नोटिस
अदालत ने मामले में संबंधित बिल्डर को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट अब प्राधिकरण और बिल्डर दोनों से परियोजना की स्थिति तथा खरीदारों की शिकायतों के संबंध में जवाब चाहती है।
खरीदारों में बढ़ी उम्मीद
ला रेजीडेंसिया के विवाद का सीधा असर उन खरीदारों पर पड़ रहा है, जो अपने फ्लैट की रजिस्ट्री और कब्जे का इंतजार कर रहे हैं। हाईकोर्ट के सख्त रुख और प्राधिकरण CEO को व्यक्तिगत रूप से तलब किए जाने के बाद प्रभावित खरीदारों को मामले के समाधान की उम्मीद जगी है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी। उस दिन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO की व्यक्तिगत उपस्थिति और मामले में प्राधिकरण की ओर से रखे जाने वाले जवाब पर निगाह रहेगी।
स्रोत: Sampoorn City News की 12 सितंबर 2026 की रिपोर्ट।
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