सत्य निकेतन हादसा: बिल्डिंग गिरते ही मची अफरा-तफरी, चश्मदीद का दावा- मलबे में 20-30 बच्चे दबे हो सकते हैं
BUREAU REPORT DELHI KANCHAN SINGH
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां एक बिल्डिंग के अचानक गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। बिल्डिंग गिरते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए मौके से बाहर की ओर भागने लगे।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने घटना का आंखों देखा हाल बताते हुए कहा कि बिल्डिंग गिरते ही लोग घबराकर भागने लगे। चश्मदीद के मुताबिक, मलबे के नीचे बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की आशंका है और इनमें 20 से 30 बच्चे भी हो सकते हैं। हालांकि, बच्चों की संख्या या उनके मलबे में दबे होने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
🚨 मलबे में जिंदगी की तलाश
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा। मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई।
घटना के बाद सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि मलबे के अंदर कितने लोग फंसे हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में कितना समय लगेगा। बचावकर्मी बेहद सावधानी से मलबा हटाने का काम कर रहे हैं।
चश्मदीद ने बताया आंखों देखा हाल
मौके पर मौजूद चश्मदीद के मुताबिक, हादसा अचानक हुआ और लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बिल्डिंग गिरते ही धूल का गुबार फैल गया और चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए भागे और इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश शुरू हुई।
प्रशासन के सामने कई सवाल
इस हादसे के बाद बिल्डिंग की मजबूती, निर्माण की स्थिति और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आखिर इमारत अचानक क्यों गिरी? क्या बिल्डिंग पहले से जर्जर थी? क्या निर्माण के दौरान नियमों का पालन किया गया था? इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से मृतकों, घायलों और मलबे में फंसे लोगों की संख्या की पुष्टि का इंतजार है।
संपूर्ण सिटी न्यूज़ लगातार इस हादसे से जुड़ी हर बड़ी अपडेट आप तक पहुंचाएगा।
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