₹7.60 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में वांछित 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार, फर्जी रफ डायमंड दस्तावेज तैयार करने का आरोप
1. Report :-Asif Chaudhary
गाजियाबाद। थाना इंदिरापुरम पुलिस ने ₹7.60 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रहे एक 65 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर ऋण की रकम के बदले फर्जी रफ डायमंड टैक्स इनवॉइस, डिलीवरी नोट और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर रकम वापस न करने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, 26 जून 2026 को आयुष गोयल पुत्र सतीश कुमार गोयल, निवासी सेक्टर-11, वसुंधरा, थाना इंदिरापुरम, गाजियाबाद द्वारा आरोपी विमल जैन पुत्र अजय राम जैन समेत अन्य के खिलाफ शिकायत दी गई थी। शिकायत में कंपनी से लोन के रूप में करीब ₹7.60 करोड़ प्राप्त करने तथा इसके एवज में रफ डायमंड की फर्जी टैक्स इनवॉइस, डिलीवरी नोट एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धनराशि वापस न करने का आरोप लगाया गया था।
शिकायत के आधार पर थाना इंदिरापुरम में संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया था।
रात में पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 10 अगस्त 2026 की रात मामले में वांछित आरोपी विमल जैन, उम्र करीब 65 वर्ष, पुत्र अजय राम जैन, निवासी बीपी-1, मौर्य एंक्लेव, पीतमपुरा, थाना मौर्य एंक्लेव, जिला नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पूछताछ में सामने आई पूरी कहानी
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि पीतमपुरा स्थित अपनी प्रॉपर्टी पर उसने डीबी बैंक से करीब ₹9 करोड़ का ऋण लिया था, जिसकी अदायगी उसे करनी थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह ऋण की रकम जमा नहीं कर पा रहा था।
इसी दौरान उसके भाई नरेश जैन ने अपने पूर्व परिचित आयुष गोयल से संपर्क किया। पुलिस के अनुसार, एक एग्रीमेंट के तहत आयुष गोयल द्वारा आरोपी को विभिन्न तिथियों में करीब छह महीने के दौरान कुल ₹7.60 करोड़ की धनराशि ऋण के रूप में दी गई थी। इस रकम को एग्रीमेंट के अनुसार ब्याज सहित वापस किया जाना था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी जब निर्धारित ब्याज की रकम भी वापस नहीं कर सका तो आयुष गोयल की कंपनी की ओर से उसे कानूनी नोटिस भेजा गया।
देनदारी से बचने के लिए तैयार किए फर्जी दस्तावेज
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कानूनी नोटिस से बचने और स्वयं को उक्त रकम की देनदारी से मुक्त दिखाने के उद्देश्य से रफ डायमंड की फर्जी टैक्स इनवॉइस तैयार कराई गईं।
इन दस्तावेजों के माध्यम से यह दर्शाने का प्रयास किया गया कि आरोपी द्वारा आयुष गोयल को ₹7.60 करोड़ मूल्य के रफ डायमंड उपलब्ध करा दिए गए हैं और ऋण की रकम के बदले डायमंड की डिलीवरी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने यह भी बताया कि लेन-देन को वास्तविक दिखाने के लिए एगिगैस कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर कर एक रफ डायमंड डिलीवरी नोट तैयार किया गया। यह दस्तावेज आयुष गोयल को भेजकर यह दर्शाया गया कि ऋण की रकम के बदले रफ डायमंड की डिलीवरी की जा चुकी है और आरोपी पर अब कोई धनराशि बकाया नहीं है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी विमल जैन के विरुद्ध आर्थिक अपराध शाखा में धोखाधड़ी से संबंधित 01 अभियोग पंजीकृत है। इसके अलावा वर्तमान मामले में थाना इंदिरापुरम में भी 01 अभियोग दर्ज है।
पुलिस द्वारा आरोपी के अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
थाना इंदिरापुरम पुलिस मामले में सामने आए दस्तावेजों, लेन-देन और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और कथित धोखाधड़ी में अन्य कौन-कौन से लोग शामिल थे।
गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध पुलिस द्वारा अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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