एमएसएमई उद्यमियों को सरकारी खरीद एवं नए बाजारों से जोड़ने की पहल ,आईआईएलएम विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा में पीएमएस योजना पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित
संपूर्ण सिटी न्यूज़ — तुलिका त्यागी
ग्रेटर नोएडा, 09 सितंबर 2026।
गौतमबुद्धनगर के एमएसएमई उद्यमियों को सरकारी खरीद, विपणन सहायता, निर्यात एवं नए बाजारों से जोड़ने के उद्देश्य से आईआईएलएम विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में *“वन डे नेशनल वर्कशॉप ऑन प्रोक्योरमेंट एंड मार्केटिंग सपोर्ट (पीएमएस) स्कीम”* का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जनपद के करीब *150 से अधिक उद्यमियों* ने प्रतिभाग किया।
यह राष्ट्रीय कार्यशाला *इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए)* की पहल पर भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, *एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय (डीएफओ), ओखला, नई दिल्ली* तथा *आईआईएलएम विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा* के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि *जिलाधिकारी* द्वारा फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
औद्योगिक विकास और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि *गौतमबुद्धनगर औद्योगिक विकास, परिधान उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं निवेश के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।* प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन द्वारा निवेशकों के लिए अनुकूल कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराने तथा अधिक से अधिक उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास का उद्देश्य केवल निवेश बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं के लिए *रोजगार के नए अवसर पैदा करना* भी है।
### “उद्यमी बड़ा सपना देखें और निर्यात बढ़ाएं”
जिलाधिकारी ने उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने व्यवसाय को केवल स्थानीय बाजार तक सीमित न रखें, बल्कि *राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने उत्पादों की पहुंच बढ़ाने का प्रयास करें।*
उन्होंने कहा कि उद्यमियों को बड़ा सपना देखना चाहिए और अपने उद्योगों के विस्तार के साथ *निर्यात बढ़ाने एवं रोजगार सृजन* में भी महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। उन्होंने सामाजिक उत्तरदायित्व पर जोर देते हुए कहा कि उद्योगों के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी उद्यमियों के कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
### सरकारी योजनाओं और खरीद प्रक्रिया की दी गई जानकारी
कार्यशाला में एमएसएमई मंत्रालय की ओर से *डॉ. आर.के. भारती, स्टेट डायरेक्टर सुनील कुमार, डिप्टी डायरेक्टर एमएसएमई-डीएफओ ओखला तथा डिप्टी डायरेक्टर एमएसएमई ओ.पी. सिंह* सहित विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं सरकारी संस्थानों के खरीद प्रमुखों और विशेषज्ञ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
विशेषज्ञों ने उद्यमियों को *सरकारी खरीद प्रक्रिया, जीईएम पोर्टल, खरीद एवं विपणन सहायता (पीएमएस) योजना, विक्रेता विकास, निर्यात संवर्धन और बाजार से जुड़ाव* सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
उद्यमियों को सरकारी विभागों में विक्रेता पंजीकरण, सरकारी खरीद में भागीदारी, डिजिटल मार्केटिंग, गुणवत्ता प्रमाणन तथा एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
आईबीए की भूमिका की सराहना
जिलाधिकारी ने *इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए)* द्वारा उद्योग हित में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आईबीए उद्योग जगत और सरकार के बीच एक प्रभावी सेतु के रूप में कार्य कर रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के संयुक्त आयोजन एमएसएमई क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ अधिक से अधिक उद्यमियों को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में मददगार साबित होंगे।
आईआईएलएम विश्वविद्यालय के पदाधिकारी भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में आईआईएलएम विश्वविद्यालय की ओर से *वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) नील राय, प्रो वाइस चांसलर राजे मोहन और सीनियर मैनेजर राजकुमार सिंह* सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं शिक्षाविद मौजूद रहे।
वहीं इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन के *अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय, महासचिव सुनील दत्त शर्मा, उपाध्यक्ष नरेश चौहान, उपाध्यक्ष राजेश खन्ना, उपाध्यक्ष सुधीर त्यागी* सहित कार्यकारिणी के सदस्य और बड़ी संख्या में उद्यमी कार्यशाला में शामिल हुए।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उद्यमियों को उपलब्ध सरकारी योजनाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म, गुणवत्ता प्रमाणन और विपणन सहायता का अधिकतम लाभ उठाकर अपने उद्योगों का विस्तार करना चाहिए।
कार्यशाला के माध्यम से उद्यमियों को सरकारी खरीद में अवसर तलाशने, नए बाजारों तक पहुंच बनाने और अपने उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए व्यावहारिक जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय कार्यशाला को उद्योग जगत के लिए *उपयोगी और लाभकारी पहल* बताया। उद्यमियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलने के साथ सरकारी खरीद और नए बाजारों तक पहुंच बनाने में भी मदद मिलती है।
साथ ही, भविष्य में *आईबीए, एमएसएमई मंत्रालय और आईआईएलएम विश्वविद्यालय* के संयुक्त तत्वावधान में इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने पर भी जोर दिया गया।
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